-
विश्वामित्र जी की यज्ञ यात्रा
अब राजकुमार बड़े हो चले थे। राजा दशरथ ने उनको सुयोग्य शिक्षकों के आश्रम में भेजा राजकुमारों ने थोड़े ही समय में वेद, शास्त्र, पुराण और राजनीतिक प्राप्त कर ली। धनुविद्या और धनुर्वेद में वे कुशल हो गए। वीरता तो उनके रक्त में ही थी। चारों भाई सब विद्याओं में निपुण और पराक्रमी थे। उनमें…
-
रामावतार
त्रेता युग की बात है। सरयू नदी के किनारे कौसल नाम का एक प्रसिद्ध राज्य था, जहाँ अज के पुत्र राजा दशरथ राज करते थे। अयोध्या उस राज्य की राजधानी थी। यह नगरी बारह योजन लंबी और तीन योजन चौड़ी थी। नगर के चारों ओर ऊँची चौड़ी दीवारें थीं और उसके बाहर गहरी खाई। दीवार…
